स्वास्थ्य एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत निम्नलिखित विभाग हैं:-

  •  स्वास्थ्य विभाग
  •  निगम चिकित्सालय
  •  वेटनरी शाखा    
  • उद्यान विभाग
  • झील संरक्षण प्रकोष्ठ

मुख्य कार्य एवं दायित्व:-
    भोपाल शहर का क्षेत्रफल 648.24 वर्गकिलोमीटर है जिसको सफाई व्यवस्था की दृष्टि से 15 जोनों (85 वार्डों) में विभक्त कर सफाई कार्य किया जा रहा हैं प्रत्येक जोन में स्वास्थ्य निरीक्षक/स्वाच्छता प्रभारी पदस्थ है। प्रत्येक वार्ड में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, उपस्वास्थ्य पर्यवेक्षक एवं निर्धारित संख्या में सफाई कर्मचारी कार्य करते है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर की साफ-सफाई, प्रतिदिन 02 पालियों में में कराई जाती है। प्रातः 07.00 बजे से 10.00 बजे तक एवं द्वितीय पाली दोपहर 2.30 से 5.30 तक करवायी जाती है। द्वितीय पाली में उन क्षेत्रों में भी सफाई करवायी जाती है, जो नियमित सफाई से छूट जाते है। दलेल के माध्यम से भी झुग्गी बस्ती एवं शहर के ऐसे क्षेत्र जो नियमित सफाई व्यवस्था से छूट जाते है, उनकी भी सफाई करवायी जाकर कचरे का उचित निष्पादन करवाया जाता हैं साथ ही नालियों की सफाई करवायी जाकर गैमेक्सीन पाउडर का छिड़काव करवाया जाता है। सीवर क्लीनिंग मषीन के माध्यम से सीवर लाईन की सफाई भी करवायी जाती है। इसके साथ ही मलेरिया तथा अन्य बीमारियों से बचाव हेतु दवाईयों का  छिडकाव किया जाता है तथा नगरीय क्षेत्रों में मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया बीमारी के नियंत्रण हेतु मच्छरजन्य परिस्थितियों को समाप्त करने का उददेष्य अधिकारियों/कर्मचारियों को दर्षाएं क्षेत्रों में चिन्हित स्थानों पर मलेरिया अधिकारी के निर्देषों अनुसार गम्बूषिया मछली/दवाई डलवायी जाती है तथा संबंधित क्षेत्रों में मच्छरजन्य बीमारियों को समाप्त करने के उददेष्य से आवष्यक जन जागृति एवं आवष्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। नियमित रूप से सफाई कर्मचारियों के माध्यम से संपूर्ण शहर में झाडू लगवाना, कर्मचारियों एवं वाहनों के माध्यम से कचरा कंटेनरों से उठवाना तथा 169 वाहनों के माध्यम से कचरे को ट्रेचिंग ग्राउण्ड (भानपुर खन्ती) तक पहुचानें का कार्य सम्पन्न कराया जाता है। समस्त 15 जोनों में वर्कषाप से प्रतिदिन 10 जेसीबी 14 डम्पर व 7 रोबोट सफाई कार्य हेतु व कचरा उठवाने हेतु उपलब्ध कराये जाते है। इसके अतिरिक्त शहर से दूर कचरे के सफल निष्पादन हेतु आधुनिक ट्रेंचिंग ग्राउन्ड हेतु फतेहपुर डोबरा में 63 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। भोपाल नगर से एक दिन में लगभग 550 टन कचरा उत्पन्न होता है जिसे प्रतिदिन खंती तक पहुचाया जाता है। 
भोपाल के प्रमुख नालों की वर्षा पूर्व योजनाबद्व तरीके से अभियान चलाकर जे.सी.बी. तथा पोकलेन मषीन के माध्यम से साफ-सफाई करायी जाती है। जहाँ पर उक्त मषीन नहीं जा पाती वहाॅ पर गैंग लगाकर कार्य कराया जाता है तथा यह प्रयास कया जाता है कि वर्षा के दौरान किसी भी क्षेत्र में पानी न भरने पावें। जनहित के बचाव के आवष्यक उपाय किये जाते है। इसके अतिरिक्त भी षिकायत प्राप्त होने पर नालो की सफाई कराई जाती है जिससे वर्षा ऋतु में अति वर्षा का बहाव बना रहे और बाढ की स्थिति उत्पन न हो। वर्तमान मंे स्वाई फ्लू की महामारी को देखते हुए प्रतिबन्धात्मक उपाय किए जा रहे है, जिसमें पानी के कूलरों, टायरों, गमलों को साफ रखने, अधिक मात्रा में एकत्रित न करने की समझाईष दी जाती रही है। 
वर्तमान में नगर निगम, भोपाल द्वारा घर-घर से कचरा प्राप्त किया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत वर्तमान तक लगभग 2,80,96,529/- रू. उपभोक्ता प्रभार के रूप में प्राप्त कये गये है, यह राषि संपत्तिकर के साथ वार्ड कार्यालय द्वारा वसूल की जा रही है। साथ ही नगर निगम, भोपाल शहर में सार्वजनिक स्थलों एवं मार्गो पर निर्धारित स्थल के अलावा गंदगी करने पर स्पाट फाईन लागू किया गया है। जिसके अन्तर्गत रू. 50/- से 2000/- तक जुर्माना वसूला जाता है। 01 अप्रैल, 2014 से 31 जनवरी, 2015  तक स्पाट फाईन के रूप में राषि 5,56,250/- रू. वसूल की गयी है।

पाॅलीधीन जब्ती:- साप्ताहिक हाट बाजारों व शहरों के बाजार क्षेत्रों में 40 माईक्रान से कम पतली, पाॅलीथीन के संग्रह/उपयोग/विक्रय करने वालों के विरूद्ध जब्ती की कार्यवाही की जाकर 16 टन पाॅलीथीन जब्त की गई, जिसमें 14 प्रकरण न्यायालय में पेष किये गये, उनमें से 9 प्रकरणों पर न्यायालय द्वारा 90,000/- रू. जुर्माना किया जाकर भविष्य के लिए चेतावनी दी गई।
2. स्वच्छ भोपाल एक पहल:- अभियान नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों को जागरूकता के लिए स्वच्छता जन-जागरण अभियान 01-03-14 से 20-03-14 तक एवं 05-06-14 से 25-06-14 तक चलाया गया। 
3. घर-घर से कचरा प्रापत करने की योजना:- नगर निगम, भोपाल द्वारा शहर के समस्त 14 जोनों के अन्तर्गत 70 वार्डो में घर-घर से कचरा प्राप्त करने का कार्य      15 अगस्त, 2013 से लागू किया गया है। जिसके अन्तर्गत शहर के 2,31,000/- आवास/प्रतिष्ठानों से 580 साईकिल रिक्षा एवं 19 आटो रिक्षा के माध्यम से घर-घर से कचरा प्राप्त करने का कार्य 1280 श्रमिकों एवं 69 उनके सुपरवाईजरों के माध्यम से कराया जा रहा है। नगर निगम भोपाल द्वारा 12 जोन वार्ड 55 में जैविक एवं अजैविक पृथक-पृथक कचरा प्राप्त करने का पायलेट प्रोजेक्ट प्रारम्भ किया गया  है साथ ही जोन-13 के वार्ड 61 में पृथक-पृथक कचरा प्राप्त करने की योजना प्रस्तावित है।
4. नाला सफाई अभियान:-  वर्षा पूर्व शहर के बड़े नालों की सफाई का अभियान 1 अप्रैल, 2014 से 31 मई 2014 तक चलाया गया, ताकि जलभराव की स्थिति निर्मित न हो। जिसके अन्तर्गत आज दिनांक 29-05-2014 तक 552 नाले पोकलेन/जेसीबी/श्रमिकों के माध्यम से साफ कराये गये है, लगभग 4453 डम्पर कचरा मलवा निकला, जो उठवाया गया। आगामी 01 अप्रैल, 2015 से शहर के नालों के सफाई अभियान की कार्य योजना तैयार की जा रही है। 
5. मेगा स्वास्थ्य परीक्षण शिविर:- दिनांक 15 11-01-14 को स्वास्थ्य विभाग के सफाई कर्मचारियों व निगम के अन्य समस्त विभागों के कर्मचारियों के लिए ‘‘मेगा स्वास्थ्य परीक्षण शिविर ‘‘ जिसमें लगभग 5223 कर्मचारियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाकर दवाये वितरित की गई। शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सालयों जैसे जे.पी. हास्पिटल, चिरायु हास्पिटल, कैंसर हास्पिटल, पीपुल्स डेन्टल हास्पिटल, आर.के.डी.एफ. मेडिकल कालेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों से कर्मचारियों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।
6. शहर में मलेरिया की रोकथाम हेतु कीटनाशक दवाओं का छिड़काव व फागिंग मशीन चलाने की कार्य योजना तैयार की जा रही है।