इस विभाग के अंतर्गत निम्नलिखित शाखाऐं है:- 

  • राजस्व विभाग    
  • सम्पत्तिकर विभाग
  • परियोजना शाखा
  • साहूकारी पंजीयन शाखा
  • विवाह पंजीयन

राजस्व विभाग के मुख्य कार्य एवं दायित्व:-

  1. राजस्व विभाग से संबंधित कर, किराया शुल्क एवं प्रभार आदि की वसूली कापर्यवेक्षण एवं जोनों/वार्डों का निरीक्षण। 
  2. निगम की स्थावर संपत्ति से आय प्राप्त करना। स्थायी लीज एवं नवीनीकरण किया जाना। 
  3. निगम सीमा में स्थित निगम के स्वामित्व/आधिपत्य के तालाबों को शासन कीनीति  के अनुसार मछली पालन/मत्स्याखेट हेतु पट्टे पर दिये जाने संबंधीकार्य, 
  4. नगर के विभिन्न स्थानों पर पेड पार्किंग/बाजार फीस(तहबाजारी) स्थल चिन्हितकरना एवं उनसे शुल्क वसूल कराना अथवा वसूली हेतु प्रायवेट संविदा पर देना,
  5. जोनल कार्यालयों से जारी किये जाने वाले एवं नवीनीकरण किये जाने वाले विभिन्न प्रकार  के व्यवसायिक लायसेंसों का पर्यवेक्षण। 
  6. किरायेदारी अथवा लीज पर आवंटित दुकानों/भूखंडों के आधिपत्य के अधिकारका हस्तांतरण प्रचलित नियमों के अनुसार करना।
  7. निगम की संपति अभिलेखों को संधारित करना एवं उनकी सुरक्षा करना । 
  8. निगम स्वामित्व के तालाबों में नौका चलाने हेतु अनुमति देना । 
  9. रैन बसेरों एवं रैन बसेरों में रामरोटी योजना संबंधी कार्यों का पर्यवेक्षण। 
  10. निगम आवासों का आवंटन संबंधी कार्य।

सम्पत्तिकर विभाग के मुख्य कार्य एवं दायित्व:-

  1. नगर निगम द्वारा नगर में स्थित 85 वार्ड कार्यालयों एवं 08 नागरिक सुविधा केन्द्रो के द्वारा की जाती है। 
  2. सम्पत्तिकर, समेकितकर, सामान्य जल उपभोक्ता प्रभार, सेवा प्रभार, उपभोक्ता प्रभार नगरीय विकास उपकर एवं शिक्षा उपकर का निर्धारण एवं वसूली,करदाताओं को मांग पत्र एवं नोटिस जारी कराना,
  3. भुगतान न करने वाले करदाताओं के विरुद्ध किराया एवं सम्पत्ति को कुर्क करने की कार्यवाही करना तथा उसकी नीलामी करना
  4. प्रत्येक वर्ष के लिए वार्षिक भाड़ा मूल्य की दर एवं संपत्तिकर तथा संलग्न करों की दर का निर्धारण करना,
  5. प्रत्येक वर्ष के लिये कर की दरों के संबंध में परिक्षेत्र का निर्धारण करना,
  6. वित्तीय वर्ष में करों की राशि अग्रिम रूप से नियत समय सीमा के भीतर जमा कराने पर संपत्तिकर में छूट का प्रावधान तथा देय राशि नियत समय अवधि में जमा नहीं कराने के कारण अधिभार की राशि का निर्धारण कराना ।

परियोजना शाखा के मुख्य कार्य एवं दायित्व:-

                गोवर्धन परियोजना शाखा द्वारा सड़कों, चैराहों एवं सार्वजनिक स्थानों पर आवारा विचरण करने वाले पशुओं पर नियंत्रण रखने का कार्य किये जाने हेतु सात कांजी हाउसों का संचालन किया जाता है जिसमें आवारा पषुओं को पकड़कर बन किया जाता है, तथा पशु स्वामियों द्वारा रिहा न कराये जाने वाले पशुओं पंजीकृत गौशाला में पहुचाने एवं बीमार, घायल  पशुओं को सड़कों से उठाकर चिकित्सा हेतु सहारा आश्रम में पहुचाने का कार्य किया जाता है। कांजी हाऊस के संचालन पशु अतिचार अधिनियम 1871 एवं मध्यप्रदेश पशु नियंत्रण अधिनियम 1976 के तहत किया जाता है। भोपाल शहर की अवैध डेरियों उनसे संबंधित शिकायतों का निरीक्षण एवं नियमानुसार कार्यवाही गोवर्धन परियोजना शाखा द्वारा की जाती है।

साहूकारी पंजीयन शाखा के मुख्य कार्य एवं दायित्व:-

            साहूकारी पंजीयन हेतु निर्धारित आवेदन पत्र के साथ 02 पासपोर्ट साईज फोटो, परिचय हेतु बैंक पासबुक की छायाप्रति आयकर रिटर्न की छायाप्रति, स्वामित्व संबंधी अभिलेख एवं निर्धारित शुल्क रू. 1100/- जमा करने पर 03 दिवस में साहूकारी का पंजीयन किया जाता है।

विवाह पंजीयन के मुख्य कार्य एवं दायित्व:-

              मध्यप्रदेश शासन द्वारा विशेष विवाह अधिनियम 1954 की धारा 4 से 14 तक के अंतर्गत नियम बनाकर विवाहों के अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण का कार्य नगरीय निकायों को सोंपा गया है। उक्त नियम 23 जनवरी 2008 से प्रभावशील हैं।