स्मार्ट सिटी की अवधारणा 

एक स्मार्ट सिटी की कोई सर्वमान्य परिभाषा नहीं है। अतः स्मार्ट सिटी की अवधारणा विकास के स्तर, परिवर्तन और सुधार के लिए इच्छुक होने और संसाधनों और शहर के निवासियों की आंकाक्षओं के आधार पर शहर-दर-शहर और एक देश से दुसरे देश के मामले में भिन्न हैं। स्मार्ट सिटी के लिए युरोप की अपेक्षा भारत में इसका अर्थ अलग होगा। भारत में भी स्मार्ट सिटी को परिभाषित करने का कोई एक तरीका नहीं है। मिशन में शहरों के मार्गदर्शन के लिए कुछ परिभाषात्मक सीमाएँ अपेक्षित हैं। भारत में शहर में रहने वाले किसी व्यक्ति की कल्पना में स्मार्ट सिटी की छवि में अवसंरचना और सेवाओं की एक इच्छा सूची निहित होती है, जो उसके आकांक्षा स्तर को व्यक्त करती हैं। नागरिकों की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शहरी नियोजक का समस्त शहरी परिस्थिति को आर्दश रूप में विकसित करने का लक्ष्य होता है जो व्यापक विकास के 4 स्तभों – संस्थानिक,भौतिक, सामाजिक और आर्थिक अवसंरचना के व्दारा प्रदर्शित होते हैं। यह दीर्घकालीन लक्ष्य हो सकता है और शहर ऐसी व्यापक अवसंरचना में वृध्दि करते हुए, ‘स्मार्टनेस’ के स्तर शामिल करते हुए यह कार्य कर सकते हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के दृष्टिकोण में इसका उद्देश्य उन प्रमुख शहरों को प्रोत्साहित करना है जो मुख्य अवसंरचना मुहैया कराते हैं और अपने नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करते हैं, एक स्वच्छ और सुस्थिर वातावरण प्रदान करते हैं और ‘स्मार्ट’ समाधान लागू करते हैं। सुस्थिर और समावेशी विकास पर जोर है और सघन क्षेत्रों पर ध्यान देने, प्रकृति मॉडल सृजित करने का विचार है जो अन्य इच्छुक शहरों के लिए प्रकाश स्तंभ, के रूप में कार्य करेगा। सरकार का स्मार्ट सिटीज़ मिशन एक सक्षम, नई पहल है इसका तात्पर्य ऐसे उदाहरण स्थापित करने से है जो स्मार्ट सिटी के भीतर और बाहर दोनों ओर परिलक्षित हो सके जो देश के विभिन्न क्षेत्रों और भागों में ऐसे स्मार्ट सिटी का निर्माण करने में उत्प्रेरक की भूमिका निभा सके।

एक स्मार्ट सिटी के प्रमुख अवसंरचना तत्वों में निम्नलिखित शामिल होंगे :

  • पर्याप्त जलापूर्ति,
  • सुनिश्चित वि|qत आपूर्ति, 
  • ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सहित सफाई,
  • सक्षम शहरी गतिशीलता और सार्वजनिक परिवहन,
  • विशेषत : गरीबों के लिए किफायती आवास,
  • सक्षम आईटी कनेक्टिविटी और डिजिटलाईजेशन,
  • सुशासन, विशेषत : ई-गवर्नेंस और नागरिक भागीदारी,
  • सुस्थिर पर्यावरण,
  • विशेषत : महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों नागरिक की सुरक्षा और,
  • स्वास्थ्य और शिक्षा।